Thursday, 26 November 2020

 उपजाऊ जमीन तिन तरह के होते है |

धनहर 1

धनहर 2 

धनहर 3

धनहर 1 - यदि एक सीजन में दो से अधिक तरह के फसल उपजाया जाये तो धनहर 1 की श्रेणी में आता है |

धनहर 2 -यदि एक सीजन में दो से कम या एक फसल की उपजाऊ भूमि तो धनहर 2 की श्रेणी में आता है |

धनकर 3 -यदि एक सीजन में एक फसल की उपज होती है तो धनहर 3 की श्रेणी की भूमि होती है |

सैरात की भूमि 

सैरात उस भूमि को कहा जाता है | जिस भूमि फुलवारी, गाच-वृक्ष, पौधा, ( आम का पौधा, बांस, एवं केला के बगीचे ) 
नदी, घाट, पोखर, तालाब, इत्यादि है | उसे सैराती भूमि कहा जाता है | 

Friday, 6 November 2020

रेहनामा



रेहनामा को शुधभारना भी कहते है जैसे किसी व्यक्ति की जमीन है और उसको रूपये की जरूत है तो वो अपने जमीन को किसी व्यक्ति को शुधभारना दे सकते है | तो इस प्रकार के बिक्री को रेहनामा कहा जाता है |

 वसीयतनामा



वसीयतनामा यदि किसी व्यक्ति के पास कोई संतान या उसका देखे रखे करने वाला कोई नहीं है और वे वुढाफे की स्थिति में है तो वैसी स्थिति में उस व्यक्ति का जो कोई भी देख रेख करेगा तो वो व्यति अपने सम्पति का वसीयत देखे रखे करने वाले के नाम से करदेंगे | लेकिन उस वसीयत में ये उल्लेख रहेगा की जिस व्यक्ति का सम्पति है वो व्यक्ति अपने देखे रखे करने वाले को उस आधार पर दे रहे है की अगर वो जीवित नहीं रहे तो 3 महीने या 6 महीने के वाद मृत्य प्रमाण पत्र एवं वसीयत की को कॉपी लेकर डिस्ट्रिक्ट जज के न्यायालय में प्रवेट कॉपी के लिए उनको भेजे डिस्ट्रिक्ट जज उस कॉपी को डिस्ट्रिक्ट मजिस्टेट के पास भेज और डिस्ट्रिक्ट मजिस्टेट उस फाइल को अंचल आधिकारी को भेजे अंचल आधिकारी राजस्व कर्मचारी को भेज तब राजस्व कर्मचारी उसका जांच(भूमि किस प्रकार की है जैसे आवासीय कृषि व्यवसीय विकाशील) कर अपना प्रतिवेदन तैयार कर अंचल निरीक्षक आधिकारी को भेजे उसके वाद अंचल आधिकारी तब डिस्ट्रिक्ट मजिस्टेट तब डिस्ट्रिक्ट जज के पास वापस आयेगा वसीयतनामा एवं प्रवेट कॉपी के साथ मिलेगा उसके बाद देख रेख करने वाले व्यक्ति ने नाम से उस भूमि का दाखिल ख़ारिज करवाने के लिए राजस्व कर्मचारी को अपने पेपर(वसीयत+प्रोवेट कॉपी) को देना परेगा  

 मोख्तारनामा 

यदि किसी भूमि को भूमिदाता अपने मोख्तार मुंसी मेनेजर या नोकर चाकर या देखे-रेख करने वाले के नाम से कर दे है तो उसे मुख्तारनामा के नाम से जाना जाता है | जैसे की पहले किसी व्यक्ति के नाम से जमीन गाँव में रहता था लेकिन वह व्यक्ति गाँव में नहीं रहता था तो अपने जमीन को देख- रेख के लिए मुंसी मेनेजर रखते थे तो उसी के नाम से मोख्तारनामा बनवा कर दे देते थे |
जिस व्यक्ति का जमीन था अगर उसने मोख्तारनामा अपने मुंसी या मेनेजर के नाम से वनबा कर दे दिया है | और उनका मुंसी मेनेजर उनके साथ छल करते है | तो वे अपने नाम के भूमि को जिस मुंसी मैनेज के नाम से मोख्तारनामा करायी है उसे रजिस्ट्री ऑफिस के द्वारा रद्द (केंसिल) करवा सकते है | और मोख्तारनामा समय वाध्यता के साथ बनया जाता है जैसे भूमि वाले व्यक्ति अगर अपने मुंसी मेनेजर को या किसी अन्य व्यक्ति के नाम से मोख्तारनामा बनवाते है तो उसमे समय वाध्यता रहता है जैसे 2 वर्ष 4 वर्ष 6 वर्ष इत्यादि के आधार पर देते है |
मोख्तारनामा वाले भूमि को विक्री नहीं किया जा सकता है |

 अतायानामा



यदि किसी भूमि को कोई भी भूमिदाता किसी व्यक्ति को गिफ्ट करदे या इसी को कहे भू-दान कर दे | पहले के समय में राजा महाराजाओं ने अपने मंत्री, पंडित, दासी, संत्री इत्यादि को भूमि दान कर देते थे तो उसी प्रकार इसका नाम अतायानामा रखा गया है |

    केवाला बिक्री



    केवाला बिक्री किसी भी जमीन को बिक्री करते समय यदि बिक्रेता भूमि के एवज में रुपये लेता है | एवं क्रेता भूमि के बदले में रुपये देता है | तो उस भूमि का प्रकार केवाला बिक्री होता है |

    भूमि बिक्री के प्रकार-

    भूमि बिक्री किस्म प्रकार-

    1. केवाला बिक्री 
    2. अतायानामा (भूमि दान, भू-दान, बक्सिशनामा, गिफ्ट) 
    3. मोख्तारनामा
    4. बसीयतनामा
    5. दरकेवाला
    6. रेहनामा