वसीयतनामा
वसीयतनामा यदि किसी व्यक्ति के पास कोई संतान या उसका देखे रखे करने वाला कोई नहीं है और वे वुढाफे की स्थिति में है तो वैसी स्थिति में उस व्यक्ति का जो कोई भी देख रेख करेगा तो वो व्यति अपने सम्पति का वसीयत देखे रखे करने वाले के नाम से करदेंगे | लेकिन उस वसीयत में ये उल्लेख रहेगा की जिस व्यक्ति का सम्पति है वो व्यक्ति अपने देखे रखे करने वाले को उस आधार पर दे रहे है की अगर वो जीवित नहीं रहे तो 3 महीने या 6 महीने के वाद मृत्य प्रमाण पत्र एवं वसीयत की को कॉपी लेकर डिस्ट्रिक्ट जज के न्यायालय में प्रवेट कॉपी के लिए उनको भेजे डिस्ट्रिक्ट जज उस कॉपी को डिस्ट्रिक्ट मजिस्टेट के पास भेज और डिस्ट्रिक्ट मजिस्टेट उस फाइल को अंचल आधिकारी को भेजे अंचल आधिकारी राजस्व कर्मचारी को भेज तब राजस्व कर्मचारी उसका जांच(भूमि किस प्रकार की है जैसे आवासीय कृषि व्यवसीय विकाशील) कर अपना प्रतिवेदन तैयार कर अंचल निरीक्षक आधिकारी को भेजे उसके वाद अंचल आधिकारी तब डिस्ट्रिक्ट मजिस्टेट तब डिस्ट्रिक्ट जज के पास वापस आयेगा वसीयतनामा एवं प्रवेट कॉपी के साथ मिलेगा उसके बाद देख रेख करने वाले व्यक्ति ने नाम से उस भूमि का दाखिल ख़ारिज करवाने के लिए राजस्व कर्मचारी को अपने पेपर(वसीयत+प्रोवेट कॉपी) को देना परेगा
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